कैमूर : बिना वारंट घर में घुसी पुलिस, गर्भवती महिला को पीटा, पीड़िता ने थाने में महीला दारोगा के खिलाफ दिया आवेदन
कैमूर / भभुआ || जिले से बड़ी खबर है, जहां पुलिस पर बिना वारंट के एक दलित परिवार के घर में घुस गर्भवती महिला की बेरहमी से की पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है. पीड़िता ने भभुआ थाने में महिला दारोगा के खिलाफ आवेदन दिया है. मामला भभुआ नगर के वार्ड नम्बर 14 का है.
बताया जाता है कि सोमवार को महिला थाने की पुलिस दल बल के साथ भभुआ 14 वार्ड में तूफानी राम के घर छापामारी करने के लिए गई थी, जिनके बेटे सूरज कुमार पर उसकी पत्नी ने थाने में आवेदन दिया था. जब सूरज घर पर नहीं मिला तो महिला दरोगा आस-पास के कई घरों की तलाशी करने लगी. उसी बीच भोला राम के घर पुलिस घुसने लगी तो उसकी पत्नी गुड़िया देवी ने रोका कि आप मेरे घर क्यों जा रही हैं, जिसके घर जांच करने आई है उसी के घर जाए. इसी बात पर महिला दारोगा चन्द्रप्रभा भड़क गई और उसे पीटने लगी और जबरन उसके घर में घुस कर समान को तीतर-बितर कर दिया. पिटाई से गुड़िया देवी गिर गई, जिससे उसे काफी चोट आई. बता दें कि पीड़िता महिला आठ माह की गर्भवती है. घटना के विरुद्ध पीड़िता गुड़िया देवी ने आरोपी महिला दारोगा चंद्रप्रभा पर कार्रवाई के लिए भभुआ थाने में आवेदन दिया है.
वहीं घटना की सूचना पर पहुंचे बीएसपी नेता सह बसपा प्रदेश जोन प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि महिला थाने की महिला दारोगा चन्द्रप्रभा दलित विरोधी है, थाने से सूरज को पकड़ने आई थी तो दूसरे के घरों की तलाशी क्यो की? जब गर्भवती महिला उसे रोकी तो उसे पिटाई की. हम कैमूर एसपी से मामले की जांच कर ऐसे पुलिस कर्मी पर कार्रवाई की मांग करते हैं. यह महिला दारोगा की दूसरी घटना है, तीन माह पहले भी उसी मोहल्ला के मिस्त्री को इन्वर्टर बनाने बुलाई और पैसा नहीं दी. पैसा मांगने गया तो उसे झाड़ू और थप्पड़ से पिटाई की और उस पर घर मे चोरी का आरोप लगाई थी. वहीं आरोपी महिला थाने की दारोगा चन्द्र प्रभा ने बताया कि थाने में आवेदन आया था, सूरज राम को पकड़ने गई थी, कई घरों को सर्च की, उसी बीच महिलाओं ने हमे पकड़ लिया हमे पीटा और मोबाइल छीना. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).