कैमूर : जिला पार्षद विकास सिंह ने जिला प्रशासन से की वायरल नोटों के बंडल और हाई मास्ट लाइट घोटाले की जांच की मांग
कैमूर / भभुआ || कैमूर जिला परिषद में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को लेकर जिले की सियासत में भूचाल आ गया है. जिला परिषद सदस्य सह पूर्व भभुआ विधानसभा प्रत्याशी विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधे तौर पर बिगुल फूंक दिया. उन्होंने हाल हीं में सोशल मीडिया में वायरल हो रहे नोटों के बंडल के मामले में मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी और जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर करारा पलटवार किया.
प्रेस वार्ता में विकास सिंह ने प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए कहा कि जिला परिषद में किसी भी विकास कार्य की अनुशंसा नहीं है. संबंधित क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य करते हैं. इसके बाद कार्य कराने की जिम्मेदारी कार्यपालक एजेंसी की होती है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों का अंतिम भुगतान जिला परिषद अध्यक्ष के स्तर से होता है, इसलिए वित्तीय अनियमितताओं की जिम्मेदारी से कोई बच नहीं सकता. उन्होंने खुले तौर पर कैमूर जिला प्रशासन और सरकार से मांग किया कि जिला परिषद द्वारा कराए जा रहे सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए. चाहे रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र हो या भभुआ, जिला परिषद के तहत जितने भी कार्य हुए हैं, उन सबकी गहन जांच होनी चाहिए, जो भी अधिकारी संवेदक या जनप्रतिनिधि इसमें दोषी पाए जाएं, उन्हें अविलंब जेल भेजा जाना चाहिए.
वहीं भ्रष्टाचार के तरीकों का खुलासा करते हुए जिला पार्षद विकास सिंह ने बताया कि जिले में व्यापक स्तर पर ‘हाई मास्ट लाइट’ लगाने की आड़ में बंदरबांट हो रही है. नियमों और जरूरत को ताक पर रखकर एक हीं जगह पर दो-दो हाई मास्ट लाइटें लगा दी गई हैं, जो सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग और बड़ा घोटाला है. गौरतलब है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है. विकास सिंह ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जांच शुरू हो चुकी है और उन्हें पूरा भरोसा है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा तथा भ्रष्टाचार का सिंडिकेट बेनकाब होगा. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).