सीवान : युवक की मौत पर बवाल, परिजनों ने जेपी चौक पर शव रखकर किया सड़क जाम
सीवान || जिले में एक घायल युवक की मौत के बाद शुक्रवार को शहर में भारी बवाल देखने को मिला. आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को जेपी चौक के बीच सड़क पर रखकर जाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

मृतक की पहचान शम्मी के रूप में हुई है, जो करीब 45 दिन पूर्व नगर थाना क्षेत्र के नया किला नवलपुर तकिया इलाके में हुए एक विवाद में गंभीर रूप से घायल हो गया था. जानकारी के अनुसार, बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े ने उस समय हिंसक रूप ले लिया था, जिसमें एक पक्ष ने शम्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी थी. गंभीर रूप से घायल शम्मी को पहले सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसकी हालत बिगड़ने पर बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किया गया. लंबे समय तक इलाज चलने के बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव परिजनों को सौंपा गया, उनका गुस्सा फूट पड़ा. परिजन और स्थानीय लोग शव को जेपी चौक पर रखकर प्रदर्शन करने लगे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए.

वहीं घटना की सूचना मिलते हीं नगर थाना, महादेवा थाना और सराय थाना की पुलिस मौके पर भारी बल के साथ पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. हालांकि, आक्रोशित लोग अपनी मांगों पर अड़े रहें. हालात को संभालने के लिए सदर-1 एसडीपीओ अजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की. काफी मशक्कत के बाद एसडीपीओ ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक एसपी पूरन कुमार झा से मुलाकात कराई जाएगी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी. इस आश्वासन के बाद कुछ समय के लिए जाम हटाया गया, लेकिन बाद में फिर से लोगों ने सड़क जाम कर दिया. अंततः प्रशासन के लगातार प्रयास और भरोसे के बाद जाम समाप्त हुआ और परिजन शव को लेकर घर लौट गए.
एसडीपीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी पहले हीं की जा चुकी है, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. (सीवान से लव प्रताप सिंह की रिपोर्ट).