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कैमूर : भारतमाला परियोजना के मुआवजे के लिए विशेष कैंप आयोजित, डीएम ने किया कैंप का निरीक्षण

कैमूर / भभुआ || जिले में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे (भारतमाला परियोजना) के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजे के भुगतान के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. जिला पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, किसानों और रैयतों के आवेदनों के त्वरित निष्पादन हेतु शुक्रवार को समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में विशेष कैंप का आयोजन किया गया.

बता दें कि मुआवजा वितरण की यह प्रक्रिया वरीय अधिकारियों की सीधी देखरेख में संपन्न हुई. पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 02 बजे तक अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, राजेश कुमार और अपराह्न 02 बजे से अपराह्न 06 बजे तक श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), अनिल कुमार मौजूद रहें. कार्य की अधिकता और तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी है, जिसमें सुश्री श्रेया कुमारी (भूमि सुधार उप समाहर्ता, भभुआ), कमलाकांत त्रिवेदी (भूमि सुधार उप समाहर्ता, मोहनिया) और उज्जवल कुमार (वरीय उप समाहर्ता, कैमूर) को अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यों के संपादन हेतु अधिकृत किया गया है. वहीं रामपुर, नुआंव और भगवानपुर की राजस्व अधिकारियों (सुश्री नाज मजीद, सुश्री अमिषा कुमारी एवं सुश्री आरती कुमारी) को भी जिला भू-अर्जन कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है.

इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य उन रैयतों और किसानों के लंबित आवेदनों का निस्तारण करना है जिनका हड़ताल के कारण मुआवजा भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है. जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी सीधी निगरानी में इन कार्यों को संपन्न कराएं. कैंप में 83 आवेदन की अंतिम रूप से भुगतान हेतु प्रक्रिया पूर्ण की गई जिसमें कुल राशि 12 (बारह) करोड़ रुपए सन्निहित है. वहीं इस कैंप का जिला पदाधिकारी ने निरीक्षण किया और कार्य की सराहना की. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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