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चाईबासा : टीकाकरण को लेकर मंत्री और पदाधिकारियों ने की मानकी-मुंडा गण के साथ बैठक

चाईबासा में रविवार को चक्रधरपुर अनुमंडल कार्यालय स्थित सभागार में झारखंड राज्य की महिला, बाल-विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा माझी के नेतृत्व तथा जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, उप विकास आयुक्त संदीप बक्शी, अपर उपायुक्त एजाज अनवर, चक्रधरपुर एसडीओ अभिजीत सिन्हा(भाप्रसे), कोल्हान अधीक्षक-सह-सदर अनुमंडल पदाधिकारी शशीन्द्र कुमार बड़ाईक के उपस्थिति में चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र के मानकी-मुंडा गण के साथ बैठक का आयोजन किया गया.

उक्त बैठक में मानकी मुंडा गण से ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण से संबंधित फैली भ्रांतियां सहित ग्रामीणों के अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली गई एवं इसे दूर करने हेतु जिला प्रशासन के द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाते हुए जन-जन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर आवश्यक सहयोग करने कि अपील की गई. वहीं बैठक में आगामी 19 मई से 27 मई तक ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य जांच के लिए गठित टीम के क्रियाकलापों एवं उनके द्वारा ग्रामीणों को दी जाने वाली दवाइयां एवं उचित जानकारी के बारे में समूह को अवगत करवाया गया. बैठक में जानकारी दी गई कि ग्राम स्तर पर होने वाले स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य सहिया, आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका, जल सहिया, स्वयं सहायता समूह सदस्य को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया है. जिनके द्वारा घर-घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य जांच किया जाएगा एवं जांच के सहायतार्थ प्रत्येक टीम में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि उपलब्ध करवाया गया है. जांच के दौरान सर्दी/खांसी/बुखार से पीड़ित व्यक्तियों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ हेतु कोविड-19 कीट भी उपलब्ध करवाया जाएगा. इस किट में समसामयिक बीमारी से संबंधित दवाई के अलावे मल्टीविटामिन की दवाइयां, विटामिन-सी की दवाइयां एवं जिंक की दवाइयों को भी शामिल किया गया है.

बैठक में उपस्थित मानकी-मुंडा गण को स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाते हुए सहयोग की प्रत्याशा में अपने स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में बैठक आयोजित करते हुए लोगों को जागरूक करने की अपील की गई. इस संबंध में सभी को सूचित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रभाव को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि शादी-विवाह के आयोजन एवं अंतिम संस्कार के विधान के क्रम में निर्धारित संख्या में ही व्यक्तियों की उपस्थिति हो एवं उक्त सभी आयोजन के अलावा हाट बाजार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन एवं मास्क का प्रयोग भी ग्रामीणों के द्वारा सुनिश्चित किया जाए. (संतोष वर्मा की रिपोर्ट).

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