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कैमूर : सूटकेस ह’त्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, मां के इशारे पर छोटे भाइयों ने अपने दोस्त के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम, दो गिरफ्तार

कैमूर / भभुआ || जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में 10 और 12 मई को मिले चार टुकड़े-टुकड़े श’वों के मामले का कैमूर पुलिस ने खुलासा कर दिया है. एसपी हरिमोहन शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और दो मासूम बच्चों की हत्या परिवार के छोटे भाई विकास गुप्ता और राहुल उर्फ गौतम ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी और साक्ष्य छुपाने के लिए श’व को टुकड़ों में काटकर नदी और नहर किनारे फेंक दिया था.

इस मामले का खुलासा करते हुए कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि बीते 10 मई को मोहनिया-रामगढ़ मार्ग पर दुर्गावती नदी पुल के नीचे दो सूटकेस में कटे श’वो के अंग मिले थे, अभी पुलिस अनुसंधान में जुटी ही थी कि फिर 12 मई को अभयदेय गांव के पास नहर किनारे दो बोरों में मानव अंग के कटे हुए टुकड़े बरामद हुए, सभी श’व एक महिला एक पुरुष और दो बच्चों के थे, जिन्हें ह’त्यारों द्वारा 18 टुकड़ों में को काटा गया था. पुलिस के अनुसंधान में श’वों की पहचान रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता के परिवार के रूप में हुई, जिसके बाद एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटीई की टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर विकास गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की. जहां उसने भाई, भाभी और दो बच्चों की ह’त्या कर श’वों को सूटकेस और बोरे में भर स्कूटी से फेंकने की बात कबूल की. गिरफ्तार विकास की निशानदेही पर पुलिस ने दो मृ’तकों के सिर, एक देसी कट्टा, तीन कारतूस, ह’त्या में प्रयुक्त चाकू, स्कूटी और लोहे का फाइटर बरामद किया है. एसपी ने बताया कि इस हत्या में मृ’तक के दो सगे भाई एवं एक भवे और मृतक की मां और विकास का दोस्त दीपक राजपूत भी शामिल हैं. वहीं हत्या में शामिल फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.

एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि इनका परिवारिक कलेश हमेशा से चलता था, जिसको लेकर मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता अपने भाई और मां के साथ मारपीट कर देता था. वहीं किसी बात को लेकर 5 माई को कृष्ण मुरारी ने अपने मां के साथ झगड़ा किया था, जिसको लेकर उनकी मां ने महाराष्ट्र में काम कर रहे अपने छोटे बेटे विकास गुप्ता को फोन करके मारपीट की सूचना दी और उसे घर बुला लिया. वहीं से विकास गुप्ता ने मन बना लिया था कि कृष्ण मुरारी को जान से मार देना है. उसके बाद विकास गुप्ता ने अपने साथ काम कर रहे मित्र दीपक राजपूत के साथ हत्या की योजना बनाया और उसको लेकर घर डहरक गांव आ गया. जिसके बाद 7 मई को विकास गुप्ता और उसका छोटा भाई राहुल उर्फ गौतम एवं दीपक राजपूत सभी ने मिलकर चाकू से मारकर कृष्ण मुरारी की ह’त्या कर दी. लेकिन, मृ’तक की पत्नी ने यह नजारा देख लिया और वह घबराकर भागने लगी, जिसके बाद सभी ने उसको भी पकड़कर चाकू के काट-काट कर ह’त्या कर दी. उस समय दोनों बच्चे पढ़ने गए थे, वहीं जब बच्चे लौटे और अपने माता पिता को खोजने लगे तो उनकी भी हत्या कर दिया गया. सोचने वाली बात यह है कि यह सब मृतक की मां और विकास गुप्ता की पत्नी के सामने होता रहा. वहीं हत्या के बाद शवों को 18 टुकड़ों में काट कर साक्ष्य मिटाने के लिए बोरी और सूटकेश में भर कर फेंक दिया गया. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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