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बेगूसराय : बरौनी रिफाइनरी में किया गया भारत का पहला और दुनिया का तीसरा ग्रीन कूलिंग टॉवर कमीशन

बेगुसराय में आजादी के बाद देश में सबसे पहले बिहार में स्थापित किया गया इंडियन ऑयल का बरौनी रिफाइनरी नित नया अध्याय लिख रहा है. ऊर्जा कुशल संचालन की दिशा में एक नए पहल के रूप में भारत का पहला और दुनिया का तीसरा ग्रीन कूलिंग टॉवर बरौनी रिफाइनरी में कमीशन किया गया है.

कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आरके झा के नेतृत्व में कमीशन किया ग्रीन कूलिंग टॉवर (जीसीटी) पारंपरिक कूलिंग टॉवर का एक ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है. कॉर्पोरेट संचार प्रबंधक अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि नया जीसीटी 3315 एम-3/घंटा क्षमता का एक अतिरिक्त सेल है, जिसे रिफाइनरी परिसर में अतिरिक्त ठंडे पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए मौजूदा बीएक्सपी कूलिंग टॉवर के साथ एकीकृत किया गया है. जीसीटी कूलिंग टॉवर के पंखे को चलाने के लिए किसी भी सहायक विद्युत शक्ति का उपयोग नहीं करता है तथा विद्युत मोटर के उपयोग को खत्म करता है. इसके पंखे को चलाने के लिए ठंडे पानी के वापसी दबाव से हाइड्रो-टर्बाइन का उपयोग किया जाता है। संरचना और पंखा एफआरपी (फाइबर रींफोर्सेड प्लास्टिक) से बना है जो पर्यावरण अनुकूल है और पारंपरिक प्रणाली की तुलना में कम बिजली की खपत करता है. ऊर्जा कुशल संचालन और पर्यावरण के अनुकूल होने के अलावा, जीसीटी के परिणामस्वरूप करीब एक करोड़ 30 लाख प्रति वर्ष की आवर्ती बिजली लागत की बचत होगी. परंपरागत कूलिंग टावर की तुलना में मोटर्स, स्विच गियर और अन्य विद्युत बुनियादी ढांचे के रखरखाव लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी.

अंकिता श्रीवास्तव ने बताया कि इस ऐतिहासिक ग्रीन कूलिंग टॉवर को कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आरके झा, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) एके तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) टीके बिसई, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) जीआरके मूर्ति, मुख्य महाप्रबंधक (टीएस एवं एचएसई) एसजी वेंकटेश, आईओओए के सचिव मिथिलेश कुमार एवं बरौनी रिफाइनरी की निष्पादन टीम की उपस्थिति में कमीशन किया गया है. (पिंकल कुमार की रिपोर्ट).

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