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चाईबासा : थाली कटोरा लेकर शाह ब्रदर्स के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने आए मजदूरों को पुलिस ने रोका, मजदूरों ने जेएमपी चौक पर दिया धरना

चाईबासा में करमपदा आयरन ओर माइन्स में कार्यरत मजदूरों के पिछले 15 साल का बकाया पीएफ और ग्रेच्युटी के हिसाब के भुगतान की मांग को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के जिला अध्यक्ष मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में सैकड़ो मजदूर करमपदा से चाईबासा अनुमंडल कार्याल के समक्ष धरना देने पहुंचे थे, मगर मुफस्सिल थाना और सदर थाना के पुलिस के द्वारा मजदूरों को जेएमपी चौक से आगे बढ़ने से रोक दिया. जिसके बाद मजदूर जेएमपी चौक के पास सड़क पर ही धरना पर बैठ गए और शाह ब्रदर्स मुर्दाबाद का नारा लगाने लगे.

मजदूर नेता मानसिंह तिरिया ने कहा कि लोकतंत्र के अंदर में सबको बात रखने का अधिकार है, मगर लोकतांत्रिक तरीके से बातों को भी रखने से रोका जा रहा है. शाह ब्रदर्स को सभी मजदूरों का 15 साल का बकाया पीएफ तथा ग्रेच्युटी का लाभ 15-20 लाख का भुगतान कर देना चाहिए ताकि मजदूरों का भविष्य सुरक्षित हो सके. माधव चन्द्र कुंकल ने कहा कि शाह ब्रदर्स 1972 से सिर्फ आदिवासियों के जमीन के नीचे दबे खनिज का दोहन कर अपना संपत्ति बढ़ाने में लगी हुई है. 50 सालों में करमपदा क्षेत्र का कोई विकास नही हुआ. लोग लकड़ी, दातुन व पत्ता बेचकर जीविका चला रहे हैं. आवेदन के माध्यम से सहायक श्रमायुक्त, चाईबासा को अवगत कराया गया कि शाह ब्रदर्स की कम्पनी ने जान बूझकर बहुत से मजदूरों को पहचान पत्र, पे स्लीप, पीएफ राशिद नही दिया ताकि मजदूरों के पैसों को लूट सके. मजदूरों को न्यूनतम 15-20 लाख तक लाभ देने की मांग रखी.

आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव झारखण्ड सरकार, मुख्य श्रमायुक्त केंद्रीय, नई दिल्ली, उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम व पुलिस अधीक्षक पश्चिमी सिंहभूम को भी सौपा गया. मौके पर सुशील पूर्ति, जयंती देवी, सुभाषनी गोप, नोलो देवी, राजकुमारी देवी, बिना नाग, प्रदीप बाईपाई, सुमित लकड़ा, शांति पूर्ति, पीयूष गुड़िया आदि भारी संख्या में मजदूर उपस्तिथ थे. (संतोष वर्मा की रिपोर्ट).

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