सीवान : बड़हरिया में नई चेतना 4.0 के तहत जीविका दीदियों का ऐतिहासिक उत्सव, महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश
सीवान || जिले के बड़हरिया प्रखंड में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता को मजबूती देने वाले राष्ट्रीय अभियान नई चेतना 4.0 के तहत बुधवार को प्रखंड परिसर स्थित खेल मैदान में जीविका दीदियों के सहयोग से एकदिवसीय भव्य आयोजन का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के बीच नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार किया.

जीविका दीदियों के बीच आयोजित इस खेलकूद, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव ने न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का जीवंत संदेश भी दिया. पूरे दिन चले कार्यक्रम में उत्साह, हंसी-ठिठोली और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला. सैकड़ों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का सफल संचालन प्रखंड परियोजना प्रबंधक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में किया गया. आयोजन में सभी काडरों की सक्रिय भागीदारी रही, वहीं प्रत्येक काडर से कम से कम 30-30 जीविका दीदियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई. इसके परिणामस्वरूप प्रखंड परिसर का खेल मैदान महिला शक्ति के मेले में तब्दील हो गया.
नई चेतना अभियान महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह, घरेलू उत्पीड़न, सामाजिक असमानता तथा महिलाओं के कानूनी अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने की एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है. इस अवसर पर कबड्डी, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, लाफा-डोरी, लूडो, कैरम बोर्ड, साथ ही वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने सामाजिक मुद्दों पर सशक्त और सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए. खेलों के बेहतर संचालन एवं प्रशिक्षण में योगदान देने वाली काडरों को विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. वहीं विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली जीविका दीदियों को आकर्षक पुरस्कार एवं मेडल प्रदान किए गए.

कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक सुबोध कुमार, सेंट्रल बैंक के शाखा प्रबंधक अमिताभ कुमार, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य आलोक कुमार शर्मा, क्षेत्रीय समन्वयक संतोष कुमार, आजीविका विशेषज्ञ रजनीश कुमार, सामुदायिक समन्वयक अखिलेश कुमार, विश्वंभर कुमार, जयप्रकाश सिंह, शैलेंद्र महतो, शोभा कुमारी, उपेंद्र कुमार सिंह सहित 30 पंचायतों की जीविका दीदियां एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे. यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ. (बड़हरिया से राकेश रंजन गिरी की रिपोर्ट).