कैमूर : असम राइफल के सूबेदार मेजर शशि भूषण तिवारी के हत्या के मामले में छः अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा, एडीजे द्वितीय अजीत कुमार की अदालत ने सुनाया फैसला
कैमूर / भभुआ || जिले से बड़ी खबर है जहां, असम राइफल के सूबेदार मेजर शशि भूषण तिवारी की हत्या के मामले में गुरुवार को छः अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. भभुआ कोर्ट के एडीजे द्वितीय अजीत कुमार की अदालत ने ये सजा सुनाई. साथ हीं सभी अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं देने पर छः माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

वहीं, इस मामले पर मृतक की पत्नी एवं केश की सूचिका कैमूर जिला के चांद गांव निवासी सीमा तिवारी ने बताया कि मेरे पति असम राइफल्स में सलोन जिला के मणिपुर राज्य में सुबेदार मेजर के पद पर कार्य थे. वह छुट्टी लेकर 8 मई 2022 को अपने गांव चांद आए हुए थे. वहीं 16 जून 2022 को अपने बच्चों को देखने के लिए मैं रामनगर बनारसी में अपने मकान पर चली गई, जहां उसी रात 16 जून 2022 को समय रात्रि 12:00 बजे रात में मेरे पति शशि भूषण तिवारी का मुदालय श्रवण गोंड, राकेश कुमार, अनिल गोंड, राजेश रामपुर उर्फ लड्डू, अर्जुन गोंड एवं सुभाष सिंह, सभी ने मिलकर छड़ मोड़ने वाला रॉड एवं लोहे के फरसा से मारपीट कर कर एवं कुदाल से काट कर हत्या कर दिया गया था. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा खून गिरने से मेरे पति शशि भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. सीमा तिवारी ने बताया कि घटना कारण यह है कि मुख्य आरोपी श्रवण कुमार गोंड हमारे नए मकान में ठेका लेकर 20 दिनों तक काम किया था, जिसमें एक पिलर टेढ़ा हो गया था, इसी को लेकर मेरे पति द्वारा श्रवण कुमार को थप्पड़ मार दिया गया था. इसी बात को लेकर सभी लोगों ने मिलकर लोहे के रॉड और फरसा से पीट-पीट पर उनकी हत्या कर दी थी. जिसके बाद हमलोग ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी को चिह्नित कर थाना में एफआईआर दर्ज कराया था. इसी मामले में सभी छः अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है एवं एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
वहीं इस केस में अपर लोग अभियोजक मीना सिंह एवं सूचिका के अधिवक्ता नागेंद्र मिश्रा मंटू पांडेय जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह थे. न्यायालय ने यह भी आदेश किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार कैमूर को एक फैसला की प्रति भेजी जा रही है, जिसमें सूची का सीमा तिवारी अधिवक्ता जो मृतक शशि भूषण सूबेदार जवान की पत्नी है, जो विधवा है, उसकी सरकार से मिलने वाली राशि क्षतिपूर्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार कैमूर को जो उचित लगे वह दिलाने का प्रयास करें. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).