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सीवान : रिश्वत मांगने गए आबकारी विभाग के सिपाही को ग्रामीणों ने पकड़ थाने को सौंपा

सीवान में बड़हरिया थाना क्षेत्र के लकड़ी दरगाह बाजार पर शुक्रवार की सुबह 9:30 बजे दो युवक जो अपने को आबकारी विभाग में कार्यरत सिपाही बताकर लकड़ी दरगाह निवासी कपड़ा व्यवसाई नारायण प्रसाद की दुकान पर पहुंचे 30 हजार रुपये नगद की मांग करने लगे. दुकानदार को लगा कि यह लोग मेरे साथ फ्रॉड करने के लिए आए हैं. तुरंत दुकानदार ने हो-हल्ला मचा कर स्थानीय ग्रामीणों को इक्कठा कर लिया. लोगों की भीड़ देख एक तथा कतिथ आबकारी विभाग का एक सिपाही मोके देख फारार हो गया, जबकि एक को ग्रामीणों ने अपने घेरे में ले लिया और पूछ ताछ करने लगे.

एक के भाग जाने के कारण यह पुष्टि हो गई कि यह आबकारी के नाम पर वसूली करने के लिए आए हैं. ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाना प्रभारी प्रवीण प्रभाकर को दी. थाना प्रभारी ने एएसआई शिव शंकर सिंह को तत्काल घटना स्थल पर भेजा. शिव शंकर सिंह ने घटनास्थल पर पहुंच तथा कथित पुलिस को पकड़ लिया और थाने पर लाकर जानकारी ली गई और आबकारी विभाग को भी इसकी सूचना दी गई. सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारी थाना पहुंच आबकारी विभाग का पुलिस होने की पुष्टि की. पुष्टि हो जाने के बाद उसे छोड़ दिया गया.

वहीं कपड़ा व्यवसाई नारायण प्रसाद के दुकान पर आकर 30 हजार रूपए की मांग करना ये कहना कि 30 हजार रूपए दोगे तो तुम्हारा केश ख़त्म कर दिया जाएगा, आबकारी विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है. बताते चलें कि बुधवार को कपड़ा व्यवसाई नारायण प्रसाद के यहां गुप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग द्वारा शराब बिक्री को लेकर छापेमारी हुई थी. लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ था. उसके बाद आबकारी विभाग के पुलिस को लगातर दो दिनों से आकार कपड़ा व्यवसाई नारायण प्रसाद से रुपए की मांग करना और कहना की केश ख़त्म करा देंगें. आबकारी विभाग की पोल खोल रहा है. (राकेश रंजन गिरी की रिपोर्ट).

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