मोतिहारी : रक्सौल में तस्कर बने गुरुजी, एक करोड़ के चरस के साथ सहयोगी संग पकड़ाए

मोतिहारी/पूर्वी चंपारण || जिले के नेपाल सीमावर्ती शहर रक्सौल में बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते गुरुजी तस्कर बन गये. इसका खुलासा रविवार को उस समय हुआ जब गुरुजी अपने एक सहयोगी के साथ पकड़े गये. गुरुजी व उनके सहयोगी के पास से पुलिस ने झोला में रखे 10 किलो 144 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ चरस को बरामद किया.
गिरफ्तार गुरुजी की पहचान हरैया थाना क्षेत्र के हरैया निवासी शैलेन्द्र कुमार एवं रक्सौल के कोइरिया टोला निवासी अंकेश कुमार के रुप में हुई है. तस्करी में गिरफ्तार शैलेन्द्र कुमार मध्य विद्यालय हरैया में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं.
पड़ोसी देश नेपाल से दोनों ला रहे थे चरस
शिक्षक से तस्कर बने गुरुजी एवं उनके सहयोगी की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई. रक्सौल के एसडीपीओ धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी अपने-अपने हाथ में झोला लेकर तेजी में गम्हरिया की ओर जा रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने जब दोनों को रोककर तलाशी ली तो उनके पास से 10 किलो 144 ग्राम चरस बरामद हुआ. बरामद चरस का अनुमानित कीमत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ रुपया बताया जा रहा है.
एसडीपीओ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
शिक्षक से तस्कर बने गुरुजी और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम का नेतृत्व रक्सौल के एसडीपीओ धीरेन्द्र कुमार कर रहे थे. पुलिस टीम में बतौर दंडाधिकारी रवि कुमार, रक्सौल थानाध्यक्ष राजीव नंदन सिन्हा, एएसआई संजीवन पासवान, प्रभात कुमार एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. गिरफ्तार तस्करों से आवश्यक पुछताछ के बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया. (मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट ).
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