कैमूर : अक्षय तृतीया पर संभावित बाल विवाह को लेकर डीएम ने की बैठक, बाल विवाह पर सख्ती से रोक लगाने के साथ जागरूकता बढ़ाने का दिया निर्देश
कैमूर / भभुआ || आगामी 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) के अवसर पर संभावित बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर व्यापक रणनीति तय करते हुए सख्त निर्देश जारी किए गए.

डीएम ने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह के किसी भी प्रयास पर तत्काल रोक लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने ग्राम, पंचायत और प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का निदेश सभी संबंधितो को दिया और प्रत्येक प्रखंड में विशेष टीम गठित कर संभावित बाल विवाह स्थलों पर निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने बातें कही. उन्होंने कहा कि मैरेज हॉल, मंदिर, धर्मशाला सहित सभी विवाह स्थलों से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा कि उनके परिसर में बाल विवाह नहीं हो रहा है. विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अनुपस्थित छात्रों की सूची उपलब्ध कराकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं उनका बाल विवाह तो नहीं हो रहा. संदिग्ध मामलों की सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाय एवं इस पर त्वरित कारवाई का निदेश दिया.
बता दें कि बाल विवाह निषेध हेतु पदाधिकारियों के सहयोग हेतु बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे. बाल विवाह में संलिप्त पाए जाने वाले अभिभावक, मध्यस्थ, बैंड-बाजा, हलवाई, टेंट हाउस संचालक एवं अन्य सहयोगियों पर दो वर्ष तक की सजा या एक लाख तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है. अभी भारत की ओर से भी सभी नागरिकों से अपील है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें एवं किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).