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मोतिहारी : चकिया के सीओ की मनमानी का मामला मुख्य सचिव के पास पहुंचा, डीएम को दिया कार्रवाई का आदेश

मोतिहारी से बड़ी खबर है, जहां बिहार के मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने पूर्वी चंपारण जिला अन्तर्गत चकिया अंचल के सीओ की कार्यशैली को लेकर बड़ा आदेश दिया है. मामला चकिया के एक जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़ा है. मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक को एक पत्र भेज कर मामले की सांगोपांग जांच कराकर दाखिल-खारिज कराने का निर्देश दिया है. इतना ही नहीं मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कृत कार्रवाई की सूचना खुद को दूरभाष पर देने का भी निर्देश डीएम को लिखे पत्र में दिया है.

क्या है पूरा मामला

चकिया के अहिरौलिया निवासी स्व कपिलदेव नारायण सिंह की वयोवृद्ध पत्नी वैदेही सिंह ने सूबे के मुख्य सचिव को आवेदन देकर चकिया के सीओ राजकिशोर साह पर उनके सौतेले पुत्र के मेल में आकर उन्हें तंगोतबाह करने का आरोप लगाया है. मुख्य सचिव को दिए आवेदन में वैदेही सिंह ने आरोप लगाया है कि चकिया के सीओ की मेरे सौतेले पुत्र मुरली मनोहर सिंह से साठगांठ है. मेरे सौतेले पुत्र के मेल में आकर सीओ मेरी जमीन को हड़पना चाहते हैं. वैदेही सिंह का कहना है कि चकिया अंचल में उनके नाम की जमाबंदी संख्या 4125 चलती है. मैंने खुद के नाम की जमीन अपने भरण-पोषण के लिए पूर्व में भी बेचा था और अब भी जरुरतवश कुछ जमीन बेचना चाहती हूं. लेकिन, मेरे जमीन का जो भी ग्राहक चकिया अंचल कार्यालय में कागजात समझने जाता है उसे सीओ साहब उल्टा-पुल्टा समझा कर भड़काते हैं. वैदेही सिंह ने इससे संबंधित एक ऑडियो क्लिप भी मुख्य सचिव को उपलब्ध कराया है. वयोवृद्ध महिला वैदेही सिंह ने अपने आवेदन में लिखा है कि सौतेले पुत्र द्वारा तंगोतबाह किए जाने के कारण मैंने अपनी भूमि का पावर ऑफ अटर्नी अपने विश्वासी पुत्र कृष्णा कुमार सिंह को दिनांक 14/09/2017 को रजिस्टर्ड कर दिया. जिसे मेरे सौतेले पुत्र मुरली मनोहर सिंह ने कोर्ट में चैलेंज किया था. हालांकि सब जज 8 के कोर्ट से उक्त वाद खारिज हो गया. एसडीएम चकिया की अदालत से धारा 144 तथा जिला जज मोतिहारी की अदालत से 145 crpc रिविजन वाद संख्या 01/2018 के द्वारा निरस्त हो गया.

वृद्ध महिला ने मुख्य सचिव से लगाई थी न्याय की गुहार

बता दें कि आवेदिका वैदेही सिंह के मुताबिक उन्होंने भरण-पोषण को लेकर कुछ जमीन बिक्री किया था. जिसके दाखिल-खारिज को लेकर संबंधित व्यक्ति ने चकिया सीओ को आवेदन दिया था. राजस्व कर्मचारी द्वारा सुसंगत प्रतिवेदन देने के बावजूद सीओ राजकिशोर साह ने अनुचित दबाव बनाकर कर्मचारी से जांच प्रतिवेदन बदलवा कर आवेदन को अस्वीकृत कर दिया. इस संदर्भ में भूमि सुधार उप समाहर्ता चकिया के यहां अपील वाद लंबित है. वैदेही सिंह ने सीओ पर बगैर रिश्वत के दाखिल-खारिज नहीं करने का भी आरोप लगाया है. आवेदिका के मुताबिक चकिया के सीओ पैसा एवं ऊंचे पहुंच के बल पर लोगों को धमकाते रहते हैं. वैदेही सिंह ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि चकिया के सीओ के कार्यकलापों की जांच किसी ईमानदार वरीय पदाधिकारी से कराकर उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए ताकि वे भविष्य में किसी वृद्ध महिला के साथ अन्याय और गलत व्यवहार नहीं कर सके.

बहरहाल, वयोवृद्ध महिला वैदेही सिंह की शिकायत के आलोक में मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी को सांगोपांग जांचोपरांत उचित कार्रवाई कर उनकी जमीन का दाखिल-खारिज कराने का निर्देश दिया है. अब देखना यह है कि मुख्य सचिव के आदेश का कितना असर चकिया के सीओ पर होता है, यह तो आनेवाला समय ही बतलाएगा. (मधुरेश प्रियदर्शी की रिपोर्ट).

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