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कैमूर : मुखिया ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय खजुरा का किया निरीक्षण, छात्राओं को नही मालूम अपने प्रिंसिपल और जिला का नाम

कैमूर में राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में इतना व्यय करने के उपरांत भी बहुतेरे विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया नहीं हो पा रही है. दुर्गावती प्रखंड के खजूरा पंचायत के मुखिया संजय मल्होत्रा ने अपने पंचायत के एक स्कूल में निरीक्षण करने के दौरान शिक्षा व्यवस्था को चौपट देख काफी नाराजगी जताई है.

बच्चों की शिक्षा को अंधकार में डूबते हुए देख मुखिया ने कहा कि हर हाल में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाना होगा और यह मेरी पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि जब हमने विद्यालय का निरीक्षण किया और प्रिंसिपल से बच्चों के शिक्षा के बारे में जानकारी ली तो प्रधानाध्यापिका ने कहा कि इस मामले को दबाया जाए. वहीं जब सातवीं क्लास की एक छात्रा से मुखिया ने पूछा कि अपने प्रिंसिपल का नाम बताइए तो छात्रा अपने ही प्रिंसिपल का नाम नहीं बता पाई यही नहीं इस विद्यालय के छात्राओं को अपने जिले का नाम तक नहीं मालूम है. अब ऐसे में चौपट शिक्षा व्यवस्था को लेकर बिहार सरकार पर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिरकार क्या बिहार में बच्चों को शिक्षकों द्वारा यही शिक्षा दी जा रही है, जिसको अपने प्रिंसिपल व जिला का नाम ही नहीं मालुम है.

मिड डे मील को लेकर मुखिया ने कहा कि मेरी आंखों के सामने आधा बच्चे खाना खाए और आधा बच्चे बिना खाना खाए ही रह गए. ग्रामीणों ने अपना कीमती वोट देकर पंचायत को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुझे मुखिया बनाया है और मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करता हूं कि अपने शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करें नहीं तो बाध्य होकर मुझे आंदोलन न करना पड़ जाए.

वहीं विद्यालय के एचएम का कहना है कि में तो सभी शिक्षकों को समय पर आने के लिए कहती हूं और रही बात शिक्षा की तो शिक्षक क्लास में कैसा शिक्षा बच्चों को दे रहे हैं. यह जान कर बहुत दुख हो रहा है, इसके लिए मैं आगे विचार करूंगी. फिलहाल, मिड डे के लिए थाली कम है, इसलिए सभी बच्चों को एक साथ नही खाना दिया जाता है. जिसके लिए वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई है. अगर थाली का व्यवस्था हो जाएगी तो सभी को एक साथ भोजन मिलेगा. (विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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