कैमूर : प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए उनके स्किल का सर्वे शुरू

कैमूर में लॉकडाउन होने के बाद भारी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर लौटे हैं. यह मजदूर पहले बाहर में कमा कर अपने परिवार की जीविका चलाते थे लेकिन यह खुद घर पर आकर बेरोजगार बैठे हैं. अब उनके सामने अपने परिवार के जीविका चलाने की स्थिति उत्पन्न हो गई है. लेकिन करें तो क्या इन्हें खुद नहीं समझ में आ रहा है. वहीं सरकार के निर्देश पर जिले में मजदूरों को कम देने के लिए उनके स्किल का सर्वेक्षण शुरू हो गया है, जिससे बेरोजगार बैठे मजदूरों में एक आस जगी है.
बता दें कि ढ़ाई महीने से घर पर बैठे मजदूर कई बार गांव के प्रधान यानी मुखिया से भी संपर्क किए लेकिन ना तो उन्हें गांव के प्रधान यानी मुखिया द्वारा रोजगार के बारे में बताया गया और ना ही कोई पदाधिकारी ही रोजगार को लेकर उनसे विचार विमर्श किया. जिसको लेकर प्रवासी मजदूर काफी चिंतित थे. मजदूर बताते हैं कि हम लोग दूसरे राज्य में कमा कर अपने परिवार का जीविका चलाते थे लेकिन घर आने के बाद काम की तलाश कर रहे हैं. यहां कुछ काम मिल जाए जिससे कि परिवार का पालन पोषण कर सकें. हम लोगों को रोजगार चाहिए सरकार इस ओर ध्यान दे. कुछ लोग तो रोजगार की तलाश में फिर दूसरे शहरों में पलायन करने के मूड में हैं, तो कुछ मजदूर चाहते हैं कि सरकार हमें कुछ भी रोजगार दे दे भले ही कम पैसे मिले लेकिन जीविका तो चल सके.
वहीं अनुमंडल पदाधिकारी मोहनिया शिव कुमार रावत बताते हैं कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी प्रवासी मजदूरों के स्किल का आकलन किया जा रहा है. जीतने लोग गरीब हैं उनको राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो उनकी योग्यता है उसके हिसाब से उनको काम मिलेगा. स्किल के हिसाब से सर्वे शुरू हो गया है श्रम विभाग डाटा इसका कलेक्ट कर रहा है. (विशाल कुमार की रिपोर्ट).
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