इलाज के दौरान मरीज की मौत पर लोगों ने काटा बवाल

अमीत प्रकाश

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बताया जाता है कि राजू जायसवाल को दो दिन पूर्व से बुखार लगा हुआ था. मंगलवार को अचानक पेट में दर्द हुआ, लोकल में डॉ बिपिन बिहारी सिंह के पास ले जाया गया. जहाँ डॉक्टर ने दो इंजेक्शन दिया. जिससे मरीज को अंदर से बेचैनी सी महसूस होने लगी. गंभीर स्थिती देख रेफर कर दिया. परिजनों ने स्थानीय पीएचसी लाया गया. यहाँ भी डॉक्टर गंभीर स्थिती को देख पटना रेफर कर दिया. एम्बुलेंस लगा हुआ था, ड्राइवर की खोज होने लगी, तब तक देर हो गई, आनन फानन में परिजन निजी गाड़ी से पटना ले जाने लगे क्व्किन, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. वहीं मौत की खबर को सुन आस पास के व्यवसायी आक्रोशित हो गए व सड़क पर उतर गए. सभी दुकान बंद कर डॉक्टर के विरुद्ध विरोध जताने लगें. आक्रोशित व्यवसायियों का कहना था कि अमनौर में दर्जनों जाली डॉक्टर बोर्ड लगा लगा बैठे हैं. जो भोले भाले लोगो के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं. कई डॉक्टर जाली प्रमाणपत्र पर ही क्लिनिक भी चला रहे है, पर कोई जाँच करने वाला नही. जबकि पीएचसी में भी कई कुव्यवस्था होने की बाते कहीं.
वहीं लोगो के हंगामे और प्रदर्शन की सुचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने लोगों को समझा बुझाकर हंगामा प्रदर्शन बंद कराया. थानाध्यक्ष ने पुरे मामले के एजांच कर कार्रवाई किये जाने की बात कही.
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