कैमूर : अधौरा पहाड़ी पर गर्मी से पहले मंडराया जल संकट, ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर
कैमूर/भभुआ || जिले से बड़ी खबर है, जहां अधौरा पहाड़ी पर गर्मी आने से पहले हीं जल संकट मंडरा गया है. ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर है, जिस कारण ग्रामीणों में बीमारी की समस्या बढ़ रही है. वहीं शुक्रवार को पहाड़ का पानी लेकर ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंच टैंकर से साफ पानी भेजवाने की गुहार लगाई और गंभीर बीमारी की शिकार होने की बात कहीं.

बता दें कि शुक्रवार को अधौरा पहाड़ी पर बसे गुदरी गांव के ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ भभुआ समाहरणालय कैमूर डीएम नितिन कुमार सिंह के पास पहुंचे हुए थे, जहां ग्रामीणों ने डीएम को आवेदन देकर गांव में टैंकर से साफ पानी भेजने की मांग की. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में पानी की घनघोर संकट आ गया है, इसलिए हम लोग डीएम साहब से गुहार लगाने आए हैं. वहीं समाहरणालय पहुंची ग्रामीण सीता मुनि देवी ने बताया कि पानी की जल संकट होने से हम सभी जनजाति आदिवासी महिला पुरुष बच्चे और पशु पक्षी नदी नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. अगर, यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हम लोग किसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जायेंगे, इसलिए हम लोग जिलाधिकारी से मांग करते हैं कि हमलोगों के जीवन यापन के लिए टैंकर से पानी हमारे गुदरी गांव में भेजवाया जाय. उन्होंने बताया कि गांव में नल जल योजना का पाइप बिछाया गया है उसी से पूरा गांव उसी से पानी पिता था, लेकिन अब वो भी 10 दिनों से बिगड़ा पड़ा है, जिस कारण हम ग्रामीणों को गांव से दो किलोमीटर दूर जाकर नदी का पानी लेकर पीना पड़ता है, जो कि देखने में ही पीने लायक नहीं लगता है, जिसका रंग पीला है, अगर साफ पानी नहीं मिला तो हम लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाएंगे.
सोचने वाली बात तो यह है कि अधौरा पहाड़ी पर 108 गांव से भी ज्यादा गांव है, जहां पानी की घनघोर समस्या बनी रहती है, खासकर भीषण गर्मी के दिनों में लोग चुआ का पानी पीते हैं. लेकिन, इस बार अभी गर्मी आने से पहले ही पहाड़ी पर जल संकट मंडराने लगा, अभी तो गर्मी की शुरुआत होने वाली है. हालांकि नीतीश कुमार ने अधौरा में कैनाल पंप लगाने का अनुमति दे दिया है, अब देखना यह होगा कि कैमूर जिला प्रशासन और सरकार इस बार किस तरह से पहाड़ी पर बसे ग्रामीणों के जल समस्या को कैसे दूर करता है. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).