नालंदा : मलमास माह शुरू, राजगीर के ऐतिहासिक कुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया ध्वजारोहण

नालंदा में शुक्रवार से शुरु होकर 16 अक्टूबर तक चलने वाले मलमास माह को लेकर माह के पहले दिन आज अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के कुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ध्वजारोहण किया गया.
बता दें कि कोविड-19 को लेकर इस वर्ष मलमास मेला को रद्द कर दिया गया है, जबकि जिला प्रशासन द्वारा पूजा की अनुमति दी गयी है. ऐसी मान्यता है कि मलमास माह में एक महीनों तक 33 करोड़ के देवी देवता यहां प्रवास करते हैं. इधर, मलमास पूजा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. कोरोना संक्रमण के कारण वैदिक मंत्रोचार व ध्वजारोहण में समय की कटौती की गई और कम समय में पूजा अर्चना कर कुंड परिसर को खाली कराने का आदेश दिया गया है.
गौरतलब है कि मलमास पूजा में भाग लेने के लिए कई अखाड़ा के साधु संत भी भाग लेने राजगीर पहुंच रहे हैं. साधु संतो ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण हमलोग पहली बार ध्वजारोहण कर बिना कुंड व वैतरणी धाम स्नान किए लौटना पड़ रहा है. मलमास माह में यहां एक माह तक मेले का आयोजन होता था, जहां मनोरंजन के लिए कई तरह के खेल-तमाशे और झूला लगाये जाते थे. इस दौरान श्रद्धालु यहां गर्म कुंड के झरने में स्नान करते थे. (प्रणय राज की रिपोर्ट).
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