सीवान : बड़हरिया में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लिए राशन वितरण बना चुनौती, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा पूरा हक
सीवान || जिले के बड़हरिया प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत होने वाला राशन वितरण इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है. सरकार की ओर से प्रति उपभोक्ता प्रति यूनिट पांच किलो अनाज देने का स्पष्ट प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उपभोक्ताओं को पहले तो सिर्फ चार किलो अनाज दिया जा रहा है और जब वे घर जाकर तौलते हैं, तो वजन घटकर तीन से 3.5 किलो हीं निकल रहा है. यानी गरीबों के निवाले पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है.

बताया जाता है कि डीलरों को प्रति किलो एक रुपया 80 पैसा कमीशन के रूप में मिलता है. इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कटौती की जा रही है. सबसे गंभीर बात यह है कि जन वितरण प्रणाली की दुकानों में उपयोग होने वाले डिजिटल तराजू की नियमित जांच नहीं हो रही है, जिससे डीलरों को मनमानी करने का खुला मौका मिल रहा है और उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं. हालात यह हैं कि प्रखंड के कुछ डीलरों के डर से उपभोक्ता शिकायत करने से भी कतराने लगे हैं. लोगों का कहना है कि अगर आवाज उठाई तो भविष्य में राशन काट दिया जाएगा या परेशान किया जाएगा, इसलिए मजबूरी में कम अनाज लेकर चुपचाप लौट जाना उनकी आदत बन गई है.
इस पूरे मामले पर प्रखंड 20 सूत्री सदस्य अधिवक्ता जयप्रकाश गौतम ने कहा है कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने साफ कहा कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बड़हरिया यह सुनिश्चित करें कि प्रति यूनिट पांच किलो अनाज का पूरा वितरण हो, ताकि जनता के हक की लूट बंद हो सके. वहीं जब इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से जानकारी लेने के लिए सोमवार को 12 बजे कार्यालय जाकर कोशिश की गई तो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कक्ष का बंद पाया गया, तत्पश्चात कार्यालय कर्मी से बात की गई तो पता चला कि साहब कल आएंगे. ऐसे में फोन से बात करने पर बताया जाता है कि क्षेत्र में निरीक्षण के लिए गए हैं. अब देखना यह है कि साहब का यह क्षेत्र निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता साबित होता है या फिर वास्तव में प्रखंड के डीलरों की अनाज वितरण और डिजिटल तराजू की जांच कर उपभोक्ताओं को उनका पूरा हक दिलाया जाता है. (बड़हरिया से राकेश रंजन गिरी की रिपोर्ट).