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कैमूर : सफाईकर्मियों ने भभुआ थाना का किया घेराव, महिला दारोगा पर लगाया मजदूरी मांगने पर बिजली मिस्त्री को कमरे में बंद कर पिटाई करने का आरोप

कैमूर/भभुआ || बिहार पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. कैमूर जिले के भभुआ स्थित महिला थाना में नवपदस्थापित महिला दरोगा पर एक विद्युत मिस्त्री के साथ कथित मारपीट और झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगा है. घटना गुरुवार की दोपहर उस समय तूल पकड़ गई जब नगर परिषद के सैकड़ों सफाईकर्मी थाने पर पहुंच गए और जोरदार हंगामा करते हुए आरोपी महिला दरोगा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निलंबन की मांग करने लगे.

पीड़ित संतोष कुमार रावत, जो नगर परिषद भभुआ में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत हैं और निजी तौर पर बिजली मरम्मत का कार्य भी करते हैं, ने आरोप लगाया कि उन्हें महिला दरोगा चंद्र प्रभा के आवास पर बिजली और इन्वर्टर से संबंधित खराबी ठीक करने के लिए बुलाया गया था. जहां उन्होंने करीब पांच घंटे तक वायरिंग और इन्वर्टर की जांच की. इन्वर्टर का इनपुट खराब था, जिसके कारण लाइन नहीं आ रही थी. कार्य पूर्ण होने के बाद जब उन्होंने मेहनताना मांगा, तो उन पर पैसे और गहने चोरी का आरोप लगा दिया गया.
आरोप है कि उन्हें एक कमरे में बंद कर लाठी-डंडों से पिटाई की गई और थाने में झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी गई. पीड़ित का कहना है कि वह लंबे समय से महिला थाना और एससी एसटी थाना के पुलिसकर्मियों के यहां बिजली से संबंधित कार्य करते आए हैं.

वहीं घटना की सूचना मिलते हीं नगर परिषद भभुआ के सभापति के नेतृत्व में सैकड़ों सफाईकर्मी भभुआ थाना पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि एक कर्मचारी के साथ थाने के भीतर ऐसा व्यवहार होगा तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? कर्मचारियों ने महिला दरोगा को तत्काल निलंबित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की. साथ हीं चेतावनी दी गई कि कार्रवाई नहीं होने पर नगर परिषद कर्मी प्रशासनिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे.

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर के पुलिस अधीक्षक एसपी हरिमोहन शुक्ला और भभुआ के एसडीपीओ मौके पर पहुंचे.।अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर जांच का आश्वासन दिया. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. उधर, ग्रामीणों और नगर परिषद कर्मियों का कहना है कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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