कैमूर : सप्ताह में दो दिन बैंक बंद की मांग को लेकर बैंक कर्मियों ने किया हड़ताल, तीन दिन के हड़ताल पर 20 करोड़ का कार्य प्रभावित
कैमूर/भभुआ || सप्ताह में दो दिन बैंक बंद की मांग को लेकर जिले के सभी बैंकों पर कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर किया एक दिवसीय हड़ताल किया. वहीं बैंक कर्मियों ने बताया कि केंद्र सरकार एवं बैंक प्रबंधन द्वारा 5-Day Banking सहित बैंक कर्मियों की जायज मांगों की लगातार उपेक्षा किए जाने के विरोध में, RRB’S APEX UNION एवं UNITED FORUM OF ALL BANK UNION के आह्वान पर आज अश्विनी कुमार ट्विंकल एवं आमोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय हड़ताल किया गया.
इस हड़ताल के तहत हजारों अधिकारी एवं कर्मचारी बैंक के प्रधान कार्यालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों के समक्ष एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन एवं धरना-प्रदर्शन किए, कर्मियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सरकार एवं प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया. जिसमें प्रमुख मांगें बैंकों में 5-Day Banking व्यवस्था तत्काल लागू की जाए, बैंक कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य-दबाव को कम किया जाए, केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में हड़ताल एवं विरोध कार्यक्रम व्यापक रूप से सफलतापूर्वक आयोजित किए गया, जिसकी वजह से जिले में कुल 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार बाधित रहा.
धरना-प्रदर्शन में कुमार सौरभ,अवधेश कुमार, धनंजय कुमार, शैलेश श्रीवास्तव, अभिषेक गौरव, अमित कुमार, महेंद्र प्रसाद, लव कुमार, विवेक तिवारी, प्रेमरंजन, तेजपति पासवान, शिवशंकर राम एवं अन्य साथी सहित सैकड़ों अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे. सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार एवं बैंक प्रबंधन से 5-Day Banking सहित सभी मांगों को अविलंब स्वीकार करने की मांग की तथा चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा. वहीं पहाड़ी क्षेत्र अधौरा प्रखंड के सिलडी गांव से भभुआ पैसा निकालने बिहार ग्रामीण बैंक पहुंचे, खाताधारी विजय बहादुर शाह ने बताया कि अपनी बेटी के शादी के लिए पैसा निकालने आया था, लेकिन यहां आने पर पता चला कि बैंक कर्मियों का हड़ताल है, अब कब यह बैंक खुलेगा यह मुझे नहीं पता, बेटी के शादी के लिए अधौरा प्रखंड से आया हूं, पैसा नहीं निकलने से काफी परेशान हुं, वहीं घर आने जाने में भी बड़ी परेशानी होती है. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).