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कैमूर : बिजली मिस्त्री के बाद अब नगर परिषद के सफाई कर्मियों पर हुआ FIR, 125 सफाई कर्मियों के खिलाफ भभुआ थाना में मामला दर्ज

कैमूर/भभुआ || जिले से बड़ी खबर है, जहां भभुआ नगर परिषद के बिजली मिस्त्री संतोष रावत के बाद अब सफाई कर्मियों पर एफआईआर हुआ है. नप के125 सफाई कर्मियों के खिलाफ भभुआ थाना में मामला दर्ज किए गए हैं.

दिए गए आवेदन में भभुआ सदर थाना के एसआई अर्जुन पासवान ने बताया है कि बीते 26 फरवरी को महिला थाना के एक दारोगा चंद्र प्रभा एक व्यक्ति को पैसा चोरी सामान चोरी करने के आरोप में लेकर भभुआ थाना पर आई थी, जहां उन्होंने उक्त व्यक्ति की पहचान भभुआ वार्ड नं 14 निवासी संतोष कुमार बिजली मिस्त्री बताया था. वहीं 2 से 2:30 बजे के करीब जब महिला दरोगा चन्द्र प्रभा आवेदन लिखने लगीं तभी 100 से 125 लोग हांथ में झाड़ू लेकर आ गए और नारेबाजी करते हुए भभुआ थाना का गेट हिलाकर गाली गलौज करने लगें और धमकी देने लगें, जिससे वहां तैनात सभी पुलिस कर्मी भयभीत हो गए तथा अफरा-तफरी मच गई, जिसका वीडियो बनाया गया है. वहीं एसआई अर्जुन पासवान ने मांग किया है कि थाना का गेट तोड़ने एवं गाली गलौज और धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में वीडियो में पहचान कर 100 से 125 अज्ञात लोगों के विरुद्ध पहचान कर कानूनी कार्रवाई किया जाए. इस मामले पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई में जुट गई है.

बता दें कि बीते 26 फरवरी को नगर परिषद के बिजली मिस्त्री संतोष रावत को महिला थाना के दरोगा चन्द्र प्रभा द्वारा पैसा वाला बैग चोरी करने के आरोप में भभुआ थाना लाया गया था. वहीं बिजली मिस्त्री संतोष रावत ने दरोगा चन्द्र प्रभा पर उनके घर में तार वायरिंग का काम किया गया था, जिसका पैसा मांगने चन्द्र प्रभा द्वारा घर में बंद कर इनकी पिटाई करने का आरोप लगाया गया था, इस मामले में दोनों तरफ से आवेदन भभुआ थाना में दिया गया है. वहीं इस मामले की जानकारी होते ही नगर परिषद के सभापति उपसभापति एवं वार्ड सदस्य सहित सभी सफाई कर्मी थाना पर पहुंचे थे. जहां सफाई कर्मियों ने उस दौरान कहा था कि संतोष निर्दोष है, इसे झूठे केस में फसाने का प्रयास किया जा रहा है. इस दौरान सफाई कर्मियों ने प्रदर्शन कर पुलिस के अधिकारियों से मांग किया था कि मामले की जांच कराई जाए और दोषी पाने पर महिला दरोगा को निलंबित किया जाए, अन्यथा हम लोग प्रशासन के यहां काम नहीं करेंगे. वहीं इस मामले से पुलिस की कार्यशैली लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि दोनों तरफ से आवेदन मिलने के बाद भी पुलिस ने महिला दरोगा के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर दिया है और बिजली मिस्त्री के आवेदन को जांच में डाल दिया गया है, जो कि बिजली मिस्त्री के शरीर पर लगा चोट साफ सबूत है. लेकिन, फिर भी पुलिस के द्वारा महिला दरोगा पर किसी तरह का कोई जांच नहीं बैठाया गया और ऊपर से महिला दरोगा के आवेदन पर एफआईआर और बिजली मिस्त्री का आवेदन को जांच में डालना और अब ऊपर से 125 सफाई कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर लोगों द्वारा पुलिस के पावर के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया जा रहा है. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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