मरीजों के इलाज लिए के लिए बना सीवान के दोन स्थित पीएचसी खुद हुआ बीमार, खंडहर में तब्दील पीएचसी पर नहीं है विभाग का ध्यान, वर्षो से पड़ा बंद

निलेश कुमार
सीवान के दरौली प्रखंड स्थित दोन के अतिरिक्त प्राथमिक स्वस्थ केंद्र की हालत काफी बदहाल है. करीब 10 हजार आबादी वाले इलाके के लोगों के इलाज के लिए बना यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विभागीय उपेक्षा के कारण आज खुद बीमार पड़ अपने इलाज की बाट जो रहा है.
दोन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की यह तस्वीर अपनी बदहाली की कहानी खुद बया कर रही है. यह स्वास्थ्य केंद्र 10 हजार आबादी के एक मात्र इलाज करने का संसाधन है. जो खुद संसाधन विहिन हो चूका है. जर्जर भवन, कूड़ा-करकट का ढेर देख कर कोई नही कह सकता है कि यहां बरसो से इलाज कराने भी कोई आता हो. खंडहर छत से झांकते हुये सरिये वाला पीएचसी के कमरे आसामाजिक तत्वों का अड्डा बन गये हें.
यहाँ के लोग बताते है कि अस्पताल बनवाने के लिए जमीन का प्रबंध यहाँ के पूर्व मुखिया बच्चा बाबू ने अपनी पैतृक जमींन अस्पताल के लिए दान कर दिया.लोग बताते हैं कि शुरू में यहाँ नर्स और डॉक्टर नियमित रूप से आते-जाते रहते थे और मरीजो का भी न सिर्फ मुकम्मल इलाज होता था बल्कि उन्हें उचित दवाईयां भी मयस्सर कराई जाती थी. लेकिन, अब ये बीते दिनों की बात हो गयी.
यहाँ के सामाजिक लोग सांसद व विधायक आदि सबसे इसके विकास के लिए प्रयास किये. परंतु, सिर्फ आश्वासन के आलावा कुछ नही मिला. कांग्रेस पार्टी के महासचिव व भूमिदाता स्वर्गीय बच्चा बाबू के पुत्र पूर्व मुखिया विनयचंद्र श्रीवास्तव की माने तो अभी भी उन लोगो ने हार नहीं मानी है. विनयचन्द्र श्रीवास्तव कहते हैं कि इस पीएचसी के विकास और उद्धार के लिए वे लोग हमेशा प्रयत्नशील और प्रयासरत रहेगें.
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