पटना : पत्रकार प्रेस परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी ने की मधुबनी जज कांड की निंदा, दोषियों पर कार्रवाई की सरकार से की मांग

पटना में शुक्रवार को पत्रकार प्रेस परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी ने मधुबनी जिला अन्तर्गत झंझारपुर कोर्ट के चैंबर में घुसकर घोघरडीहा के थानाध्यक्ष एवं अन्य एक दारोगा द्वारा एडीजे अविनाश कुमार-1 पर किये गए हमला की निंदा की.

मधुरेश प्रियदर्शी ने कहा कि जज की पिटाई से बिहार में लोकतंत्र शर्मसार हो गया है. पुलिस की यह हरकत बिहार को जंगल राज की राह पर ले जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जज की चैंबर में घुसकर की गयी पिटाई से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में पुलिस बेलगाम हो गयी है और अब यहां कानून का राज नहीं रहा. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सूबे में आम जनों के साथ ही पत्रकारों/छायाकारों के साथ भी पुलिस मारपीट एवं दुर्व्यवहार करती रही है, लेकिन पुलिस अब बिहार में जज की भी पिटाई कर देगी यह किसी ने नहीं सोचा था.
जज की पिटाई जंगल राज का द्योतक
पत्रकार प्रेस परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी ने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है. देश के कानून ने जिस पुलिस को आम लोगों एवं सरकारी कर्मियों की सुरक्षा के साथ ही विधि-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार दिया है,अगर वही पुलिस प्रशासनिक-न्यायिक पदाधिकारियों पर हमला करके उनकी पिटाई करे तो लोकतंत्र का खतरे में पड़ना लाजिमी है.
मुख्यमंत्री से लोकतंत्र को बचाने की अपील
झंझारपुर के जज पिटाई प्रकरण को लोकतांत्रिक व्यवस्था के माथे पर कलंक बताते हुए पत्रकार प्रेस परिषद् ने सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम नीतीश कुमार एवं सूबे के डीजीपी एसके सिंघल से झंझारपुर जज पिटाई कांड के दोषी पुलिसकर्मियों को स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने और उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष मधुरेश प्रियदर्शी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए बिहार सरकार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके. (सेंट्रल डेस्क).
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