सेना नायक संतोष सिंह की पटना में हत्या के बाद पैतृक गाँव छपरा के मशरक में मातमी सन्नाटा

अमीत प्रकाश

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बताया जाता है कि सोमवार की सुबह घटना की सुचना मिलते ही संतोष के किसान पिता धर्मदेव सिंह अपने दूसरे छोटे पुत्र रंजीत और संतोष की पत्नी व बेटे के संग पटना के लिये रवाना हो गये. दो दिन पूर्व ही बेटे आयुष के संग घर पर पूजा में शामिल होने सैनिक संतोष की पत्नी रिंकू देवी गाँव आई थी. परिजनो ने बताया इंटर पास कर 10 वर्ष पूर्व संतोष सेना में बहाल हुआ. छोटा भाई रंजीत गुजरात में काम करता है जबकि 9 वर्षीय पुत्र पटना में कक्षा 4 का छात्र है. गांव में युवाओ के साथ साथ सबके बीच लोकप्रिय संतोष की हत्या से सभी हतप्रभ हैं. गांव के लोग व संतोष के बड़े चाचा परमेश्वर सिंह, पड़ोसी शिक्षक सुरेन्द्र सिंह सहित अन्य दरवाजे पर बैठ शव आने का इन्तजार कर रहे हैं.
गौरतलब है कि संतोष पटना के दानापुर स्थित मंगलम इलाके में किराये के मकान में रहता था. उसका सहकर्मी और मित्र रिेंकेश रविवार रात उसने मिलने आया था. सुबह रूम से उन दोनों की लाश मिली. दोनों को गोली लगी थी और पास में उनके राइफल पड़े थे.
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