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दुमका : झारखंड के डीजीपी ने एसपी कौशल किशोर व एसएसबी के समादेष्टा सहित 36 जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

दुमका में बुधवार को झारखंड के डीजीपी ने सशस्त्र सीमा बल के विजयपुर स्थित कैम्प में आयोजित सम्मान समारोह में हिस्सा लिया. इस समरोह में एसएसबी बटालियन-35 और झारखंड पुलिस को डीजीपी द्वारा सम्मानित किया गया.

इस मौके पर अधिकारी और जवानो का हौसला अफजाई करने के लिए झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय ने नक्सलियों को उनके भाषा मे जबाब दिय. डीजीपी ने कहा कि जो माओवादी विकास को रोक रहे हैं, उन्हें हम छह इंच छोटा कर देंगे. उन्होंने कहा कि झारखण्ड पुलिस 2018 के दिसम्बर तक नक्सलवाद मुक्त झारखण्ड के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए हम दृढ़ संकल्पित हैं. हौसले, दिलेरी और बहादुरी का जो नमूना दुमका में एसएसबी ने पेश किया है उससे इसमें कोई शक नहीं है कि नक्सलमुक्त झारखण्ड का संकल्प 2018 में ही पूरा हो जायेगा. उन्होंने कहा कि माओवादी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा है. माओवादी राज्य को विकास के पथ पर नहीं जाने देते हैं. बच्चों के शिक्षा को बाधित करते हैं, उन्हें पकड़ कर जंगल ले जाकर नक्सली बनाते हैं. ऐसे माओवादी भारत के संविधान, राज्य, समाज, एसएसबी और झारखण्ड पुलिस के दुश्मन हैं. भारतीय संविधान की रक्षा के लिए हम माओवादियों से युद्ध करेंगे. डीजीपी ने कहा कि आवश्यकता है कि हमारे जिस टीम ने यहां नक्सलियों के खिलाफ लड़ायी लड़ी वह अपने अनुभवों को झारखण्ड के दूसरे जगहों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे टीमों के साथ भी अपने अनुभवों को बांटे.

वहीं दुमका के विजयपुर स्थित एसएसबी कैंप में आयोजित इस सम्मान समारोह में डीजीपी ने दुमका के एसपी किशोर कौशल और एसएसबी के समादेष्टा परीक्षित सहित कुल 36 जवानों उनके अदम्य बहादुरी को लेकर प्रशस्ति पत्र देकर समानित किया.

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