सीवान : महाराजगंज नपं की पूर्व अध्यक्ष राजकुमारी देवी ने नपं में हुए घोटाले को किया उजागर, डीएम को पत्र लिखकर सड़क निर्माण पूर्ण हुए बिना ठीकेदार को भुगतान किये जाने का लगाया आरोप

शाहिल कुमार
सीवान के महाराजगंज नगर पंचायत के कार्य प्रणाली में नपं कर्मियों पर नपं की पूर्व अध्यक्ष राजकुमारी देवी ने मिलीभगत के मामले को उजागर किया है. जिससे एक बार फिर से शहर के गलियारो में चर्चाओं का बाजार गर्म है. मामले में मिली जानकारी के अनुसार नपं की पूर्व अध्यक्ष ने नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 के कपिया जागीर में पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला का कार्य पूर्ण रूप से नहीं होने के बाद भी सड़क निर्माण के ठेकेदार को नगर पंचायत से बिल का भुगतान कर देने का मामले को उठाया है.
बताते चलें कि नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राजकुमारी देवी ने इस मामले में सीवान जिलाधिकारी सुश्री रंजीता को एक ज्ञापन सौंप मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी माँग की है. उन्होंने सड़क व नाला निर्माण कार्यों को पूर्ण किए बिना किस आधार पर नगर पंचायत के द्वारा ठेकेदार को राशि का भुगतान कर दिया गया है, जो एक तरह से गैरकानुनी है. जिसमें संलिप्त दोषियों के खिलाफ उचित कारवाई करने की मांग की है.
जिलाधिकारी को सौपे ज्ञापन में उन्होंने इस योजना का पूर्ण मापी करा मापी पुस्तिका में अंकित कर योजना का पूर्ण भुगतान लगभग 16-17 लाख रूपया एक साजिश के तहत घोटाले की नियत से बिना कार्य पूर्ण हुए फर्जीवाड़ा ढ़ंग से संवेदक और बिचौलिया के संयुक्त खाते में भुगतान कर दिया है जो एक तरह से जाँच का विषय है.
वहीं इस संबंध में पूछे जाने पर महाराजगंज नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद है. नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 में बन रहें निर्माणाधीन पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला के कार्य में संवेदक को सिर्फ रनिंग बिल का भुगतान किया गया है.
क्या है योजना की विस्तृत विवरण :
मांझी बरौली पथ में रामाशंकर तिवारी के घर से 800 फीट पीसीसी सड़क एवं 500 फीट आरसीसी नाला
योजना की स्वीकृति- 2016-17
योजना की लागत -17 लाख 37 हजार
योजना की मंजूरी -2018
कार्य पूर्ण की अवधि-मार्च 2019
क्या कहती हैं वार्ड की जनता
एक साल से वार्ड में सड़क व नाले का निर्माण कार्य लगा हुआ है लेकिन जो कार्य तीन माह के अवधि में पूर्ण करना था वह आज तक पूर्ण नहीं हो सका. इसको लेकर कई बार नपं के इओ व जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों ने मुलाकात कर जल्द से जल्द सड़क और नाला का कार्य पूर्ण करने की बात कहीं, लेकिन आज तक इस पे कोई ठोस पहल नहीं की गई. वार्ड का मुख्य सड़क होने के नाते सड़क व नाले का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए परंतु ठेकेदार द्वारा आधा अधूरा सड़क का निर्माण करा कर छोड़ दिया गया है और खोदे गए गढ्ढे के चलते आए दिन कोई न कोई गिर कर घायल हो जाता है. नगर पंचायत की लापरवाही के कारण एक साल में भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है.
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