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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रेलवे के कार्यक्रम में की शिरकत, आर ब्लॉक से दीघा तक रेलवे की जमीन बिहार सरकार को हस्तांतरित करने पर दिया धन्यवाद

अभिषेक श्रीवास्तव

पटना में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रेल मंत्री पीयूष गोयल सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं रेल मंत्री पीयूष गोयल को धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने बिहार से संबंधित कई योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया है. रेल मंत्री ने बिहार से संबंधित अन्य कई योजनाओं के प्रति भी सकारात्मक रुख अपनाया है, इसके लिए भी मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ. आज एक पुस्तिका ‘बिहार की गति को प्रगति देता भारतीय रेल’ का भी विमोचन किया गया है, यह अच्छी बात है. रेल मंत्री ने बिहार में ऊर्जा क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में किए जा रहे कामों की प्रशंसा की है, यह उत्साहवर्द्धन करने वाली बात है. मुख्यमंत्री ने आर ब्लॉक से दीघा तक रेलवे की जमीन बिहार सरकार को रेल मंत्रालय द्वारा सौंपे जाने के लिए रेल मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की. वहीं उन्होंने रेल मंत्रालय द्वारा पटना साहिब से पटना घाट तक रेलवे की जमीन बिहार सरकार को सड़क निर्माण हेतु दिए जाने की सहमति के लिए भी रेल मंत्री को धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों बाद आज रेल मंत्रालय के किसी कार्यक्रम में रेल मंत्री के साथ शामिल होने का मौका मिला है. जब मैं रेल मंत्री था तो देश के कई जगहों में कार्यक्रम में शामिल होता था और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी भी इन कार्यक्रमों में सहर्ष शामिल होते थे अभी तीन महासेतु के निर्माण कार्य की चर्चा हुई है. उस दौरान कैबिनेट से पारित कराने के बाद कई तरह की परेशानियां होती थीं लेकिन अटल जी का ऐसा आशीर्वाद प्राप्त था कि रेल मंत्रालय का कोई भी प्रस्ताव कैबिनेट में नहीं अटकता था. देश के कई जगहों पर ऐसे कई महासेतु का निर्माण अपने रेल मंत्रीत्वकाल में मैंने कराने की कोशिश की. मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि बिहटा (पटना) में एयरपोर्ट के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध करा दी है. पटना से एयरपोर्ट तक बेहतर आवागमन के लिए फोर लेन एवं एलिवेटेड सड़क का निर्माण भी होना है. दानापुर रेलवे स्टेशन के पश्चिम रेलवे कॉलोनी की जमीन 15 मीटर चैड़ाई की 1.6 किलोमीटर तथा उत्तर में 20 मीटर चैड़ाई की 350 मीटर की भूमि सड़क निर्माण के लिये जरूरी है. रेल मंत्रालय से आग्रह है कि इसे हमें उपलब्ध करायें और आपलोग जो रेट तय करेंगे, बिहार सरकार उसे देने के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री ने आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) के निर्माण के संबंध में कहा कि बिहार में 29आरओबी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 4 प्रगति में है और 47 आरओबी के निर्माण के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत राशि सैंक्शन कर चुकी है. हमलोगों ने राज्य में यातायात को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. राज्य के किसी भी कोने से 6 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य को हम प्राप्त कर चुके हैं और अब इस लक्ष्य को घटाकर पांच घंटे कर दिया गया है. आरओबी के निर्माण से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहुलियत होगी. उन्होंने कहा कि रेलवे की ही इरकॉन कंपनी से आरओबी का निर्माण हमलोग करा रहे हैं. हमलोग चाहते हैं कि रेल मंत्रालय, बिहार सरकार एवं इरकॉन के बीच में इसके लिए सहमति बन जाए, जिससे निर्माण कार्य में समय की बचत हो. नेऊरा से शेखपुरा रेलवे लाइन के निर्माण कार्य के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके एक अंश का लोकार्पण प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया है, इसे पूर्ण करने की कृपा की जाए. यह एक उपयोगी रेलखंड है, जिस पर ज्यादातर मालगाड़ियों का परिचालन होगा. इस रेलखंड का आरओआर (रेट ऑफ रिटर्न) 14.50 प्रतिशत है. मुख्यमंत्री ने जमालपुर स्थित मैकेनिकल इंजीनियरिंग कॉलेज ‘आईआरआईएम ईई’ को बंद नहीं करने का भी आग्रह किया और उसकी जगह पर रेलवे यूनिवर्सिटी बनाने का सुझाव दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवाओं एवं सड़क सेवाओं में काफी प्रगति हुई है. रेल की सेवा काफी सुगम है और यह कभी भी बंद नहीं हो सकती है. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा हाईस्पीड रेलवे चलाने की योजना की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि हाल ही में जापान जाने का मुझे मौका मिला और मैने देखा कि वहां की सघन आबादी के बीच 300 किलोमीटर हाईस्पीड ट्रेने चल रही हैं. जापान की तकनीक काफी बेहतर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने बुद्ध से जुड़ी जगहों का पीस सर्किट बनाने का निर्णय लिया है. इसके लिए सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाना चाहते हैं. जापान के विशेषज्ञों की टीम को बिहार सरकार ने अपने खर्च पर बुलाने का आमंत्रण दिया है. रेल मंत्रालय भी इसमें सहयोग करेगी, ऐसी उम्मीद है. रेलमंत्री की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप ऊर्जा मंत्री थे तो बिहार सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे कामों की आपने काफी प्रशंसा की और उसे राष्ट्रीय योजना का रुप दिया. अभी ऊर्जा मंत्री आरके सिंह हैं, जो अपने सरकारी सेवा के दौरान बिहार के पथ निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं. मुख्यमंत्री ने आरपीएफ में महिलाओं की बहाली एवं उनके द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं को सरकारी सेवा में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है.

इस अवसर पर पटना-दीघा रेलखंड की जमीन हस्तांतरण से संबंधित समझौता ज्ञापन बिहार सरकार को सौंपा गया. मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्री सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने पैसेंजर गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड का शुभारंभ किया. विरौल-हरनगर रेलखंड के विस्तारीकरण का भी रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया गया, साथ ही सुपौल से अररिया नई रेललाइन का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया गया. “बिहार की प्रगति को गति देता भारतीय रेल” पुस्तिका का विमोचन रेल मंत्री, मुख्यमंत्री सहित मंच पर विराजमान अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया. रेलवे सुरक्षा बल की महिला टुकड़ी “तेजस्विनी” द्वारा मुख्यमंत्री एवं रेल मंत्री को प्रतीक चिह्न भेंट किया गया. ‘तेजस्विनी’ का भी आगत अतिथियों ने अभिनंदन किया.

कार्यक्रम को रेल मंत्री पीयुष गोयल, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव, केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एवं बिहार सरकार के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री नंदकिशोर यादव, मंत्री मंगल पांडेय एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, सांसद नित्यानंद राय, विधायक अरुण सिन्हा, विधायक संजीव चैरसिया, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू सहित रेल मंत्रालय के वरीय पदाधिकारीगण एवं बिहार सरकार के वरीय पदाधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

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