कैमूर : आफ़त की आंधी ने दो परिवार के आशियाने को किया तबाह, खेत में उठी आग की चिंगारी ने दो घरों को किया ख़ाक
कैमूर / भभुआ || जिले में बुधवार को आई आफत की आंधी ने कई आशियानों को उजाड़ दिया तो कई लोग बेघर हो गए. उसी आंधी में किसान ने गेंहू के डंठल को जलाने के लिए आग लगाई थी जिससे उठी चिंगारी और तेज आंधी ने दो घरों को जला कर राख कर दिया. जिससे घर मे रखे अनाज और मवेशी भी जल गए. वहीं एनएच 19 में गई जमीन के मुआवजे में मिला दो लाख रुपया भी जलकर स्वाहा हो गया. घटना भभुआ थाने के बेतरी गांव की है.

बताया जाता है कि बेतरी गई के किसान बेलास पाल ने अपने गेंहू के खेत मे आग लगाया था, उसी समय तेज आंधी आ गई और देखते हीं देखते दो परिवार के घरों को जलाकर राख कर दिया. आंधी इतनी तेज थी कि पल भर में सब जलाकर राख कर दिया. जिसमें दो मवेशी जल गए, एक की मौ’त हो गई तो दूसरी भैंस काफी झुलस गई. घर में दर्जनों बत्तख, कबूतर भी जलकर मर गए. वहीं घर में रखा अनाज, सोना चांदी, पैसा, कपड़े सबकुछ जलकर राख हो गया. घर वाले लाखों नुकसान को लेकर जिला प्रशासन से मुआवजे का मांग किया है. उजड़े आशियाना को फिर कैसे बनेगा इसको लेकर परिवार चिंतित है.
पीड़ित रजनी देवी, आरती देवी बताती हैं कि कल शाम को तेज आंधी आया अपने बच्चों के साथ घर में थे कि अचानक तेज आग की लपटें घर पर आ गई. अभी कुछ सोचते तभी पूरा घर धूं-धूं कर जलने लगा, पहले बच्चो को घर से निकाले तब तक मवेशी जलने लगी तड़पने लगी. मवेशी को बचाने बढ़े तो घर मे रखा अनाज, जमीन के कागज, दो लाख रुपया, सोना-चांदी, टीवी, फ्रिज सब जलकर राख हो गया. अब हालत यह है कि पहनने के लिए कपड़े और खाने के लिए घर में अन्न का एक दाना तक नहीं है. बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे उनका कपड़ा, किताब सब जलकर राख हो गया. वहीं पीड़ित राम प्रकाश बिन्द का कहना है कि गांव के किसान बेलास पाल खेत में आग नहीं लगाते तो हमलोगों का घर नहीं जलता. घर में रखे अनाज, समान, जेवर ,दो लाख रुपया, मवेशी सब जल गये हैं, उसके नुकसान का मुआवजा जिला प्रशासन द्वारा दिया जाए. घटना के बाद बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच कर जिला प्रशासन को सूचना दिया और दोनों परिवार के भारी नुकसान, जिसमें लाखो रुपये के नुकसान होने पर मुआवजे की मांग किया. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).