कैमूर : पैसा डबल करने का झांसा देकर साढ़े छः लाख की ठगी, गिरोह का मुख्य सरगना गिरफ्तार
कैमूर/भभुआ || कैमूर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पैसा डबल करने का झांसा देकर साढ़े छः लाख की ठगी करने के मामले में ठग गिरोह के मुख्य सरगना को दबोचा लिया है. वहीं भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे ठगों की झांसे में ना पड़े, क्योंकि पैसा डबल करने का कोई फार्मूला नहीं होता, हार्ड वर्क से ही पैसा कमाया जा सकता है.
भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने बताया कि सोनहन थाना क्षेत्र के खनेठी गांव निवासी हरिवंश सिंह के पुत्र रामसेवक सिंह ने 15 फरवरी 26 को सोनहन थाना में आवेदन दिया था. जिसमें बताया गया था कि 30 जनवरी 26 को वह अपने खेत पर काम कर रहे थे कि उसी समय एक अंजान व्यक्ति उनसे जमीन खरीदने एवं बेचने के बहाने परिचय कर 500 रूपया के नोट को डबल कर वापस करने की बात कहा. उस अंजान व्यक्ति ने रामसेवक सिंह को उजले नोटों का बंडल दिखाया और बोला कि ये सारे नोट 500 के है, जिन्हें हमलोगों ने छापा है और सभी नोटो पर एक विशेष प्रकार का केमिकल का कभर चढ़ाया हुआ है, जिसे पानी से साफ करने पर 500 रूपया के असली नोट बाहर आ जाता है. यह प्रयोग उनलोगों ने उनके सामने करके दिखाया तो उन्हें विश्वास हो गया. इसके बाद वह उसके झांसे में आ गए. फिर उनलोगों ने कहा कि आप जितना नोट दिजिएगा हम उनका डबल करके नोट आपको दे देगें और हमलोगों का नोट को घर में साफ करके असली नोट निकाल लिजिएगा. उनके झांसे में आकर 5 फरवरी 26 को खनेठी के सीवान में उन्होंने साढ़े छः लाख रूपया ठग को दे दिये, जहां बदले में उन्होनें झोला में पीला रंग के बंद लिफाफे में तथाकथित नोटों का बंडल दिया है और पुलिस के आने की बात कहकर दोनों ठग वहां से असली नोट लेकर भाग गए.
जिसके बाद रामसेवक सिंह के आवेदन के आधार पर सोनहन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. वहीं पुलिस द्वारा इस कांड के मुख्य सरगना रविन्द्र प्रजापति गांव डंडवास थाना मोहनिया को गिरफ्तार किया गया. इनसे पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एक गिरोह के तहत इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं. फिलहाल, इसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. साथ हीं इस सरगना से जुड़े बाकी लोगों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. एसडीपीओ ने लोगों से अपील किया कि इस तरह के झांसे में ना पड़े, क्योंकि पैसा डबल करने का कोई साधन नहीं होता. इसके लिए हार्ड वर्क करना होता है. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).