सीवान : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट 2026-27 को मंत्री मंगल पांडेय ने बताया जन-कल्याणकारी और विकसित भारत के संकल्प को गति देने वाला दूरदर्शी बजट
सीवान || वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए अपने नौवें बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 जन-कल्याणकारी और विकसित भारत के संकल्प को गति देने वाला दूरदर्शी बजट है. यह सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी बजट है, जो विकास, कृषि, औद्योगिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों सहित पूरे देश के समग्र विकास को समर्पित है. यह विशेष रूप से देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने वाला बजट है. इस ऐतिहासिक आत्मनिर्भर भारत के बजट के लिए मैं अपनी पार्टी और उसके करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन देता हूं.
मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश आज विकसित भारत की यात्रा का साक्षी बन रहा है. कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित है. पहला, आर्थिक विकास को बढ़ाना और इसे लगातार बनाए रखना. दूसरा, लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना और तीसरा, सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत के तहत सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना. मोदी सरकार का लक्ष्य है कि देशवासियों की आकांक्षाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलते हुए विकास का लाभ किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं तक समान रूप से पहुंच सके.

इसी विकास और समृद्धि की दिशा में देश में नई रणनीतिक परियोजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, रेयर अर्थ कॉरिडोर के तहत केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, ताकि खनिज संपन्न राज्यों को लाभ मिल सके. पश्चिम बंगाल के डानकुनी में नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है और पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में बौद्ध सर्किट का निर्माण होगा. इसके साथ ही इंडस्ट्रियल क्लस्टर, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल, नेशनल फाइबर स्कीम, एमएसएमई के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसी योजनाएं न केवल अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाएंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी. (ब्यूरो रिपोर्ट).