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कैमूर : 19 साल बाद फिर शुरू हुई कैमूर पहाड़ी के जंगलों में वन प्राणियों की गणना, 90 दिन चलेगा गणना कार्य

कैमूर/भभुआ || जिले से बड़ी खबर है, जहां कैमूर पहाड़ी के जंगलों में रहने वाले वन प्राणियों की गणना शुरू हो गई है. यह गणना कार्य 90 दिन तक चलेगी. भारत सरकार के मानक पर चल रहा है गणना कार्य. अब, कैमूर पहाड़ी के जंगलों के हर वन प्राणियों की संख्या की गिनती वन विभाग करेगा. इससे पहले 2007 में कैमूर पहाड़ी के जंगलों के वन प्राणियों की गणना हुई थी, जो भारत सरकार के मानक के अनुसार नहीं था.

बता दें कि ऑल इंडिया टाइगर एसोसिएशन सिक्स सर्कल में वाइल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से गणना किया जा रहा है. वन विभाग इस गणना को तीन तरीके से करेगा. पहला सिन सर्वे, दूसरा तैरेन्जेट वॉक और तीसरा कैमरा टैप के माध्यम से. जिससे वन प्राणियों की संख्या को दर्शाया जाएगा कि उनकी संख्या बढ़ रही है या घट रही है. अगर वन प्राणियों की संख्या बढ़ रही है तो उसी आधार पर वन विभाग आगे कार्य करेगा और यदि संख्या घट रही है तो किन-किन कारणों से घट रही है. गणना को लेकर कैमूर वनकर्मियों को हैदराबाद बाल्मीकि रिजर्व टिंगर और कैमूर में ट्रेनिंग दी गई है.

वहीं कैमूर डीएफओ संजीव रंजन ने बताया कि कैमूर पहाड़ी के जंगलों में 2007 के बाद गणना शुरू किया गया है, जिससे जंगली जानवरों कि संख्या मिलेगी. उसी आधार पर आगे वन विभाग कार्य करेगा. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मानक के अनुसार पहले गणना नहीं हुआ था, आज भारत सरकार के मानक के अनुसार गणना कर रिपोर्ट सौपा जायेगा. जिससे कैमूर वन प्राणी आवसानीय टाइगर रिजर्व की पहल शुरू होगी. इसके लिए वन कर्मियों को ट्रेनिंग दिया गया है, यह गणना 90 दिनों तक किया जाना है. (कैमूर से विशाल कुमार की रिपोर्ट).

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