पटना : बिहार बोर्ड की एक और कारस्तानी उजागर, टॉपर छात्र को हिंदी में मिले 79 की जगह 2 अंक बता किया फेल

अभिषेक श्रीवास्तव
अपनी कारस्तानी के लिए देश के साथ-साथ विदेशों में भी मशहूर हो चुके बिहार बोर्ड की एक और कारगुजारी सामने आई है. बोर्ड ने 2017 में हुए मैट्रिक की परीक्षा में एक टॉपर को एक विषय में फेल करार देते हुए उसका रिजल्ट रोक दिया. वहीं जब पीड़ित छात्र ने सुचना के अधिकार के तहत फेल हुए विषय की उत्तर पुस्तिका मांगी तो उसमे उसे 100 में 79 नम्बर दिखाया गया. इसके बावजूद बोर्ड छात्र का रिजल्ट निर्गत नहीं कर रहा था. हारकर छात्र को मीडिया का सहारा लेना पड़ा तब कहीं जाकर बोर्ड ने उसे पास कराते हुए उसका रिजल्ट उसे दिया.
बता दें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति दवारा इस वर्ष ली गयी मैट्रिक की परीक्षा में बिहार के रोहतास जिले दिनारा गाँव निवासी नरेश यादव के पुत्र धनंजय कुमार ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी. अंग्रेजी विषय को छोड़ कर धनंजय को सभी विषयों में डिसटिंगसन आया लेकिन बोर्ड द्वारा जारी परीक्षा फल में उसे हिंदी विषय में मात्र 2 अंक देते हुए उसे फेल करार दिया गया. जबकि धनंजय को हिंदी में भी कम से कम 80 अंक आने का अनुमान था. लिहाजा धनंजय ने पटना जाकर बोर्ड ऑफिस में रिटोटलिंग के लिए शुल्क जमा कर रिटोटलिंग का आवेदन दिया. जिसके बाद बोर्ड द्वारा उसे पत्र भेजकर बताया गया कि रिटोटलिंग में भी उसे दो नम्बर ही आयें हैं. रिटोटलिंग के जवाब को देखकर धनंजय के पिता ने उसे डांट-फटकार लगाते हुए अगले साल फिर से फॉर्म भर कर परीक्षा देने की बातें कही. लेकिन धंनजय के शिक्षक और उसकी माँ आशा देवी ने उसे आशा की किरण जगाते हुए लड़ाई जारी रखने का कहा और कोर्ट की शरण में जाने का सुझाव दिया. इसी बीच धनंजय के एक शिक्षक ने उसे सुचना के अधिकार के तहत अपने हिंदी के उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी मांगने की सलाह दी. जिसके बाद धनंजय 20 अक्टूबर को आरटीआई के तहत बोर्ड से अपनी उत्तर पुस्तिका के छाया प्रति की मांग की. एक नवम्बर को उसे अपनी हिंदी की उत्तर पुस्तिका का जिरक्स मिला. जिसमे उसे 79 नम्बर मिला हुआ था.
आरटीआई के तहत मिले उत्तर पुस्तिका के जिरक्स के आधार पर धनंजय ने फिर से बोर्ड में आवेदन दिया. जिसपर पहले उसे पटना बुलाया गया और उसका रिजल्ट उसे दने की बात कही गयी लेकिन पांच नवम्बर तक बोर्ड कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद धनंजय को उसका पास हुआ रिजल्ट नहीं दिया गया. हारकर बुधवार धनंजय ने पटना में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर में जाकर मुलाकात की और अपनी व्यथा उन्हें सुनाई. धनंजय की आपबीती सुन कर जब टेलीविजन चैनल पर उसका न्यूज़ चलना शुरू हुआ तब जाकर बोर्ड ने उसे अपने पास बुलाया और फेल करार दिए धनंजय को कुल प्राप्तांक 423 नम्बरों से पास बताते हुए उसका रिजल्ट जारी किया. अपने प्राप्तांक से धनंजय अपने जिला में टॉपरों की श्रेणी में है.
(Courtesy : FB Wall of Mr. Santosh Singh, Editor of Kashish News)
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